दीपांकुर चौहान । राजस्थान समाचार प्लस
अजमेर / केकड़ी:
संपूर्ण राजस्थान की ग्राम पंचायतों में कार्यरत ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जिला स्तर पर विरोध दर्ज कराया। ऑपरेटरों ने जिला कलेक्टर के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (अजमेर) को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही उपखंड अधिकारी केकड़ी, सहायक प्रोग्रामर केकड़ी और अतिरिक्त निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) अजमेर को भी अपनी मांगों से अवगत कराया गया।
10 वर्षों से बिना मानदेय काम करने का आरोप
ई-मित्र प्लस ऑपरेटर संघ के द्वारका प्रसाद चंदेल (गुलगांव) ने बताया कि प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में ऑपरेटर पिछले 10 वर्षों से बिना किसी निश्चित मानदेय के लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसके अलावा, सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न शिविरों में भी ई-मित्र ऑपरेटरों से निशुल्क कार्य करवाया जाता है। इसके बावजूद वे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर मजबूती से आमजन तक पहुंचा रहे हैं। मानदेय न मिलने से संचालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और उनका आर्थिक शोषण हो रहा है।
प्रमुख मांगें:
1. संविदा सेवा नियमों में शामिल किया जाए: सभी ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों को संविदा कैडर (Contractual Rules) के तहत लाया जाए।
2. निश्चित मानदेय दिया जाए: ऑपरेटरों को प्रतिमाह सम्मानजनक मानदेय तय किया जाए।
3. कमीशन में बढ़ोतरी: वर्तमान कमीशन दरों में वृद्धि की जाए।
4. माइग्रेशन की स्वतंत्रता: ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों को माइग्रेट होने की स्वतंत्रता दी जाए और जल्द से जल्द माइग्रेशन पोर्टल खोला जाए।
15 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने 15 अगस्त तक उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो पूरे राजस्थान में प्रदेश स्तरीय बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे ऑपरेटर
ज्ञापन प्रदर्शन के दौरान द्वारका प्रसाद चंदेल, अशोक मीना, हरिहर पारीक, भागचंद कहार, शिवराज कुमावत, अंबा लाल मीना, भैरू लाल गुर्जर, रामदयाल जांगिड़ सहित अजमेर व केकड़ी क्षेत्र के अनेक ई-मित्र प्लस ऑपरेटर उपस्थित रहे।
