केकड़ी निकाय चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, पूर्व पालिकाध्यक्ष अनिल मित्तल कांग्रेस में शामिल

केकड़ी, 25 अगस्त : नगर पालिका चुनाव की बढ़ती सरगर्मियों के बीच केकड़ी की राजनीति में मंगलवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व चिकित्सा मंत्री एवं पूर्व विधायक डॉ. रघु शर्मा ने मित्तल को कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई। मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने से कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल नजर आया।


 
केकड़ी के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिए कांग्रेस में आया- अनिल मित्तल
 
कांग्रेस में शामिल होने के बाद अनिल मित्तल ने कहा कि केकड़ी का जिला दर्जा समाप्त होने से वे सबसे ज्यादा दुखी थे। केकड़ी के मान-सम्मान और स्वाभिमान के लिए केकड़ी को दोबारा जिला बनाने के उद्देश्य से वे रघु शर्मा के सानिध्य में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि केकड़ी नगर पालिका के साथ सावर, सरवाड़ और टाटोंटी में भी कांग्रेस की सरकार बने, इसके लिए वे पूरी ताकत से काम करेंगे। मित्तल ने वर्तमान विधायक की कार्यशैली पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि तीन साल में मुझे घुटन महसूस हो रही थी।
 
मित्तल के आने से कांग्रेस मजबूत होगी : रघु शर्मा
 
रघु शर्मा ने अनिल मित्तल का कांग्रेस में स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मित्तल ने नगर पालिका चेयरमैन रहते हुए सराहनीय कार्य किए हैं। रघु शर्मा ने कहा कि उन्होंने स्वयं भी मित्तल के चेयरमैन कार्यकाल के दौरान उनके कार्यों की तारीफ की थी।
 
केकड़ी को वापस जिला बनाना ही अब राजनीति का उद्देश्य – रघु शर्मा
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रघु शर्मा ने कहा कि अब उनकी राजनीति करने का उद्देश्य केकड़ी को वापस जिला बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि केकड़ी को दोबारा जिला नहीं बनाया गया तो रघु शर्मा राजनीति छोड़ देगा। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।


 
36 वर्षों तक भाजपा में रहे मित्तल
 
अनिल मित्तल ने भाजपा देहात अजमेर जिलाध्यक्ष को दिए इस्तीफे में बताया कि वे वर्ष 1990 से करीब 36 वर्षों तक भाजपा के सक्रिय सदस्य रहे। वर्ष 1995 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के माध्यम से राजकीय महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद युवा मोर्चा, व्यापार प्रकोष्ठ, शहर मंडल उपाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। मित्तल 2015 से 2020 तक केकड़ी नगर पालिका के चेयरमैन रहे। इसके बाद भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ अजमेर देहात के संयोजक सहित विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। 

निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर
 
अनिल मित्तल के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने को केकड़ी नगर पालिका चुनाव के बीच बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है। शहर की राजनीति में मित्तल की मजबूत पकड़ और पूर्व पालिकाध्यक्ष के रूप में उनके अनुभव को देखते हुए उनके कांग्रेस में आने से चुनावी समीकरण प्रभावित होने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मित्तल के कांग्रेस में शामिल होने का निकाय चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ेगा और क्या केकड़ी में एक बार फिर कांग्रेस का बोर्ड बन पाएगा।

कांग्रेस में शामिल होने के दौरान सावर के पूर्व चेयरमैन विश्वजीत सिंह शक्तावत, शहर कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत जैन, कांग्रेस नेता शैलेंद्र सिंह, समरवीर सिंह, सागर शर्मा, श्यामलाल बेरवा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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