दीपांकुर चौहान । राजस्थान समाचार प्लस
केकड़ी। नगर में जैन श्वेताम्बर तप्पागच्छ श्री संघ के सानिध्य एवं साध्वी श्री विशेषमाला श्री जी म. सा. आदि ठाणा 6 की पावन निश्रा में आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ गुरु पाद पूजन का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर श्री सीमंधर स्वामी, श्री गौतम स्वामी, गच्छाधिपति आचार्य श्री यशोवर्म सूरी जी महाराजा एवं पूज्य साध्वी विशेषमाला श्री जी म.सा. के पावन चरणों का पूजन-वंदन किया गया।

श्री गौतम स्वामी पूजन के मुख्य लाभार्थी लालचंद पदम कुमार तातेड़ परिवार रहे। साध्वी श्री को ग्रंथ बहराने का लाभ राजेन्द्र कुमार सुरेंद्र कुमार धूपिया परिवार ने लिया। पंच ज्ञान पूजा का लाभ लाभचंद दीपक कुमार अमित कुमार धूपिया परिवार को मिला। साध्वी श्री के पाद पूजन का लाभ श्री चंद्रशीतल नवयुवक मंडल, केकड़ी ने लिया। उनके सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने भावपूर्वक पूजन का लाभ प्राप्त किया।
इसके अतिरिक्त 21 अन्य श्रावक श्राविकाओं के जोड़ो ने भी श्री गौतम स्वामी के पगलों का धूप, दीप, अक्षत, पुष्प आदि से विधिपूर्वक पूजन कर पुण्य अर्जित किया। सम्पूर्ण वातावरण गुरु भक्ति, श्रद्धा एवं मंगल भावना से ओत-प्रोत रहा।
नवयुवक मंडल के अध्यक्ष सुमित धूपिया ने बताया कि इस अवसर पर बिजयनगर से पधारे प्रसिद्ध संगीतकार बंटी जी बाफना एवं सांझ वादक मंडली ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया। उन्होंने “गुरु में संसार समाया”, “ओ गुरु सा थारो चेलो”, “नाम है तेरा तारनहारा” सहित अनेक प्रेरणादायी एवं भक्तिमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित श्रद्धालु गुरु भक्ति के रंग में सराबोर हो गए।
उन्होंने बताया कि सब्जी मंडी स्तिथ ओसवाल संस्था भवन में एक भव्य चल मंदिर (पीठिका) का निर्माण कराया गया, जो आगामी चार माह तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रहेगा। चल मंदिर में भव्य गंवली श्री चंद्रशीतल बहु मंडल द्वारा बनाई गई, जिसे वृक्ष स्वरूप दिया गया एवं इसमे अक्षत, फल, पुष्प, दीपको एवं गुरु पदचिन्हों से सजाया गया। चल मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ, भगवान आदिनाथ एवं श्री गौतम स्वामी को विराजमान किया गया। इस मनोहारी चल मंदिर ने सभी श्रद्धालुओं का विशेष आकर्षण का केंद्र बनकर सभी का मन मोह लिया।
तत्पश्चात दोपहर 4 बजे श्री चंद्रशीतल नवयुवक मंडल एवं श्री चंद्रशीतल बहु मंडल द्वारा साध्वी श्री विशेषमाला श्री जी म. सा. का पाद पूजन सब्जी मंडी स्तिथ आत्मवल्लभ आराधना भवन में किया गया। सभी मंडल सदस्यो ने बारी बारी से साध्वी श्री के चरणों मे वाक्षशेप पूजन किया। इस अवसर पर पूज्य साध्वी विशेषमाला श्री जी म.सा. ने अपने उपदेश में श्वेताम्बर गुरु परंपरा का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने आचार्यों एवं गुरुजनों के त्याग, तप, संयम, ज्ञान और धर्म प्रभावना पर प्रकाश डालते हुए उनकी गौरवशाली परंपरा से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। उन्होंने गुरु भक्ति के महत्व को समझाते हुए सभी को गुरु आज्ञा का पालन, धर्म आराधना एवं संयममय जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
अपने प्रेरणादायी उपदेश में पूज्य साध्वी श्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार किसी वाहन को सुरक्षित और सही दिशा में चलाने के लिए एक्सेलेरेटर और ब्रेक दोनों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार मानव जीवन को भी सही मार्ग पर चलाने के लिए गुरु का मार्गदर्शन आवश्यक है। गुरु शिष्य के जीवन का सच्चा पथ प्रदर्शक होता है इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन की अच्छी और बुरी दोनों बातों को गुरु के समक्ष निसंकोच रखना चाहिए ताकि जब शिष्य सद्मार्ग पर चलता है तो गुरु उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा और उत्साह देते हैं, और जब वह गलत मार्ग पर जाने लगता है तो गुरु उसे रोककर सही दिशा दिखाते हैं। यही गुरु का सच्चा स्वरूप और महत्त्व है।
संध्या समय पर गुरु भक्ति का आयोजन चल मंदिर, ओसवाल संस्था भवन में किया गया, जिसमे साध्वी श्री ने भजनो की माला पिरोई। अंत मे सभी श्रावक श्राविकाओं द्वारा “गुरुजी हमारो अंतर्नाद, हमने आपो आशीर्वाद” के नारों से भवन गूंज उठा। इस मौके पर साध्वी श्री के गुरु पूजन के लिए बाहर से भी काफी भक्तो का मेला लगा।
