दीपांकुर चौहान । राजस्थान समाचार प्लस
केकड़ी । भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोच्च स्थान देने की गौरवशाली परंपरा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशव्यापी ‘गुरुगौरवम्’ अभियान का आयोजन करेगी। परिषद के गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन प्रकल्प के तहत राजस्थान के 300 से अधिक सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में गुरुजनों का सम्मान तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का अभिनंदन किया जाएगा। इस महाअभियान में प्रदेशभर के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता रहने का अनुमान है।
भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत के मीडिया प्रभारी दिनेश वैष्णव ने बताया कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु, माता-पिता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव विकसित करना है। परिषद की 264 शाखाओं के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
क्षेत्रीय अध्यक्ष राधेश्याम रंगा ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाले शिक्षक नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कारों के संवाहक और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव होते हैं। वर्तमान समय में विद्यार्थियों के मन में गुरु एवं माता-पिता के प्रति आदर और सम्मान का भाव जागृत करना अत्यंत आवश्यक है, जिसे यह अभियान मजबूती प्रदान करेगा।
क्षेत्रीय महासचिव सीए संदीप बाल्दी ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रत्येक शाखा अपने क्षेत्र के विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित करेगी तथा आयोजन से संबंधित जानकारी गूगल फॉर्म के माध्यम से संकलित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
भारत विकास परिषद की ‘संस्कार’ गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक एवं जोबनेर विश्वविद्यालय, जयपुर के कुलपति डॉ. त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि परिषद वर्ष 1999-2000 से लगातार गुरु वंदन–छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित कर रही है। प्रतिवर्ष देशभर में लाखों विद्यार्थियों तक पहुंचने वाला यह अभियान भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं को संस्कारित, उत्तरदायी और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
भीलवाड़ा शहर समन्वयक रजनीकांत आचार्य ने बताया कि भारत विकास परिषद, भीलवाड़ा शहर की सात शाखाओं द्वारा लगभग 75 विद्यालयों में ‘गुरुगौरवम्’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान गुरुजनों का सम्मान किया जाएगा तथा शिक्षा, खेल, संस्कृति एवं अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को माता-पिता के सम्मान एवं सेवा का संकल्प दिलाया जाएगा तथा नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी।
कार्यक्रमों में गुरुजन, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। परिषद का मानना है कि ऐसे आयोजनों से भारतीय संस्कृति के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में गुरु सम्मान, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना को और अधिक सशक्त किया जा सकेगा।
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