दीपांकुर चौहान । राजस्थान समाचार प्लस
केकड़ी (राजस्थान)। विश्व मस्तिष्क दिवस (22 जुलाई) के अवसर पर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ होमियोपैथी, केकड़ी के प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन विभाग की ओर से देवनारायण बालिका आवासीय विद्यालय में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन में मस्तिष्क स्वास्थ्य, स्ट्रोक की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार तथा अल्जाइमर जैसे गंभीर रोग के प्रति जागरूकता फैलाना था।
“Act FAST, Save a Life” थीम पर लघु नाटिका
शिविर चिकित्सा प्रभारी एवं प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुल चाहर के निर्देशन में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उन्होंने विश्व मस्तिष्क दिवस की थीम और इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
इसके बाद बीएचएमएस तृतीय वर्ष की छात्राओं—तनूश्री राठौर, टीना सोलंकी, विशाखा श्रीमाली, प्रिया राज, गवाक्षी गौर एवं ईशा गहलोत ने “Act FAST, Save a Life” विषय पर एक प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के जरिए छात्राओं और उपस्थित जनसामान्य को स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों की पहचान करने, तुरंत अस्पताल पहुँचने और त्वरित उपचार से जीवन बचाने का संदेश अत्यंत सरल व प्रभावी ढंग से दिया गया।
कार्यक्रम में बीएचएमएस तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों—सफ़ा रंगरेज, बुशरा खिलजी, राधिका नागर, अमन शर्मा एवं सुरेन्द्र मीणा ने अल्जाइमर रोग पर एक आकर्षक प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने रोचक व सहभागितापूर्ण खेल गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं को स्मरण शक्ति बढ़ाने और मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के व्यावहारिक उपाय सिखाए।
स्वस्थ जीवनशैली और मानसिक सक्रियता जरूरी: डॉ. रितु शर्मा
कार्यक्रम के समापन पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रितु शर्मा ने मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक रूप से सक्रिय रहने को अनिवार्य बताया।
विद्यालय के प्राचार्य राधेश्याम कुमावत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और चिकित्सकों का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. पुनीत आर. शाह ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की निरंतर आवश्यकता है।
