दीपांकुर चौहान । राजस्थान समाचार प्लस
गुलाबपुरा | सोमवार, 29 जून 2026
भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत के तत्वावधान में गुलाबपुरा में प्रांतीय पर्यावरण एवं जल संरक्षण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, वृक्षारोपण तथा प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए विभिन्न विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में प्रांत एवं विभिन्न शाखाओं से आए लगभग 200 सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमडीएस यूनिवर्सिटी) के उद्यान अधीक्षक राजेंद्र तिवारी थे, जबकि प्रांतीय पर्यवेक्षक दिलीप पारीक का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत के प्रांतीय महासचिव आनंद सिंह राठौड़ ने की।

कार्यशाला का शुभारंभ गांधी विद्यालय परिसर में अतिथियों द्वारा वृक्षारोपण से हुआ। इसके पश्चात विवेकानंद सभागार में मां भारती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया तथा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

प्रथम सत्र में पर्यावरण संयोजक राजेश कामदार, शाखा अध्यक्ष संपत व्यास एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता राजेंद्र तिवारी ने अपने उद्बोधन में वृक्षारोपण, बागवानी, किचन गार्डन, औषधीय एवं उपयोगी पौधों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधे की जिम्मेदारी ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में कवयित्री चंदा पाराशर ने अपनी प्रभावशाली कविता ‘पेड़ लगाओ’ की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। उनकी कविता ने प्रकृति संरक्षण के प्रति सभी को प्रेरित किया।
द्वितीय सत्र में प्रांतीय पर्यवेक्षक दिलीप पारीक ने जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली, ई-वेस्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। पर्यावरण सदस्य दिनेश छतवानी ने पर्यावरण प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा विभिन्न विशेषज्ञो ने भी जानकारी प्रदान की जिसमें ब्यावर के उद्योगपति एवं पर्यावरण विद श्री दीपक झंवर ने सघन वन, केकड़ी के समाज सेवी एवं पर्यावरण प्रेमी किशन स्वरुप सोनी ने वृक्षारोपण, ब्यावर के कन्हैयालाल शर्मा ने वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) एवं किशनगढ़ के पर्यावरण प्रेमी एवं व्यवसायी अमित डागा ने प्लास्टिक प्रबंधन जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय महासचिव आनंद सिंह राठौड़ ने उपस्थित सभी सदस्यों को पर्यावरण एवं जल संरक्षण के साथ नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जनजागरण नारों वाले पंपलेट का विमोचन किया गया तथा उनकी प्रतियां उपस्थित सभी प्रतिभागियों को वितरित की गईं।
कार्यशाला परिसर में सोलर सिस्टम, ई-वेस्ट प्रबंधन, सीड बॉल निर्माण, औषधीय पौधों का वितरण, बीजारोपण एवं पर्यावरण विषयक कला प्रदर्शनी की आकर्षक प्रदर्शनियां भी लगाई गईं, जिन्हें प्रतिभागियों ने काफी सराहा। गुलाबपुरा शाखा की मातृशक्ति द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया, जिसने सभी को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
बाहर से आए अतिथियों का स्वागत अभिनव एवं पर्यावरण हितैषी तरीके से कपड़े के थैले, सीड बॉल पैकेट तथा बीजारोपण के सकोरे भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्णा पारीक, प्रांतीय वित्त सचिव अमित सोनी एवं प्रांतीय संयुक्त महासचिव श्याम कुमावत ने संयुक्त रूप से किया। अंत में शाखा सचिव सूरज करण लड्ढा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ तथा स्नेह भोज के उपरांत सभी अतिथियों को आत्मीय विदाई दी गई।
यह कार्यशाला पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं सामाजिक जागरूकता की दिशा में भारत विकास परिषद की एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुई।
यदि चाहें, मैं इसे मुख्य शीर्षक, उपशीर्षक और अखबार के कॉलम लेआउट के अनुसार भी तैयार कर सकता हूँ।
