मानस योग साधना शिविर का शुभारंभ, तप-सेवा-सुमिरन के सूत्रों पर हुआ मंथन

कटारिया ग्रीन में सात दिवसीय शिविर शुरू, विधायक शत्रुघ्न गौतम रहे मुख्य अतिथि

राजस्थान समाचार प्लस | दीपांकुर चौहान

केकड़ी। बढ़ते कदम संस्थान द्वारा तप सेवा सुमिरन समिति के तत्वावधान में कटारिया ग्रीन में आयोजित सात दिवसीय मानस योग साधना आधारित आध्यात्म एवं स्वास्थ्य विकास शिविर का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम मुख्य अतिथि रहे, जबकि सत्संस्कार समिति के संरक्षक रामनारायण करवा, उद्यमी बिरदीचंद नुवाल तथा पूरण करिहा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

तप, सेवा और सुमिरन को बताया जीवन का आधार

शिविर में इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक स्पिरिचुअलिज्म (IASS) मेरठ के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य चेतना संवाहक एवं मानस मर्मज्ञ डॉ. गोपाल शास्त्री ने साधकों को तप, सेवा और सुमिरन के त्रिआयामी सिद्धांतों की विस्तार से व्याख्या करते हुए जीवन में इनके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव में ईश्वर का वास है, लेकिन प्रकृति के शाश्वत नियमों की अवहेलना ही दुःख का प्रमुख कारण बनती है।

सत्संग से जागृत होता है विवेक

डॉ. शास्त्री ने कहा कि सत्संग के माध्यम से बुद्धि और विवेक का विकास होता है। विवेक जागृत होने पर व्यक्ति सही और गलत, हितकारी और अहितकारी के बीच अंतर समझने लगता है। उन्होंने हंस के नीर-क्षीर विवेक का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्संग मनुष्य को गुण और दोष की पहचान करने की क्षमता प्रदान करता है।

मधुर वाणी और सद्गुण अपनाने का दिया संदेश

उन्होंने कौवे और कोयल का उदाहरण देते हुए कहा कि कोयल अपनी मधुर वाणी के कारण सभी को प्रिय लगती है। इसलिए मनुष्य को भी अपने व्यवहार और वाणी में मधुरता लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति में केवल गुण या केवल दोष नहीं होते, इसलिए दूसरों के दोषों के बजाय उनके गुणों को अपनाने की प्रवृत्ति विकसित करनी चाहिए।

योग, ध्यान और स्वास्थ्य पर हुआ मार्गदर्शन

शिविर में रामचरितमानस में निहित स्वास्थ्य, साधना और आनंदमय जीवन के सूत्रों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। योग, ध्यान, प्राणायाम, आत्मानुशासन, मानसिक एकाग्रता तथा सकारात्मक जीवनशैली के विभिन्न पहलुओं पर साधकों को मार्गदर्शन दिया गया। डॉ. शास्त्री ने लोककल्याण और सेवा कार्यों में योगदान देने की प्रेरणा देते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शक्ति और आनंद की प्राप्ति सेवा भाव और आत्मानुशासन से संभव है।

18 जून तक चलेगा शिविर

आयोजन समिति के अनुसार शिविर 18 जून तक प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालित होगा। शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आए साधक भाग ले रहे हैं। 13 एवं 14 जून को IASS की आध्यात्मिक प्रमुख डॉ. श्यामा दीदी विशेष ध्यान एवं आध्यात्मिक सत्रों का संचालन करेंगी।

कई कार्यकर्ता जुटे व्यवस्थाओं में

शिविर के सफल संचालन में यज्ञनारायण सिंह, आनंद सोमाणी, महेंद्र प्रधान, अमित गर्ग, बुद्धि प्रकाश दाधीच, मधुलिका दाधीच, महेश शर्मा, रामगोपाल सैनी, मुकेश नुवाल, कैलाश जैन एवं दिनेश वैष्णव सहित अनेक कार्यकर्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!