निरंकारी इंग्लिश मीडियम समागम संपन्न, ब्रह्मज्ञान से जीवन का उद्धार होता है — बहन मनीषा ढींगरा

केकड़ी।

संत निरंकारी सत्संग भवन केकड़ी में जोन अजमेर क्षेत्र का इंग्लिश मीडियम समागम गुरुग्राम से पधारीं बहन मनीषा ढींगरा के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

बहन मनीषा ढींगरा ने अपने विचारों में हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य समय रहते ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि शरीर की कीमत आत्मा के रहने तक ही है, उसके बाद वह शमशान की अमानत बन जाता है। निरंकार से एकरूप होकर ज्ञान की दृष्टि से जीवन जीने पर ही जीवन में सुख, शांति और प्रेम की अनुभूति होती है।

उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने जीवन की डोर परमात्मा के हाथों सौंप देता है, तो उसका जीवन सुंदर रूप से व्यतीत होता है। जिस प्रकार फूल अंत समय तक भी पत्ती-पत्ती में सुगंध बिखेरता है, उसी प्रकार ब्रह्मज्ञान प्राप्त कर निरंकार को अंग-संग जानकर और सबमें परमात्मा का नूर देखकर जीवन जीना चाहिए। तब स्थिति होती है— “जिधर देखता हूँ उधर तू ही तू है, हर शय में जलवा तेरा हूबहू है।”

उन्होंने यह भी कहा कि एक ही नूर सभी के भीतर है—नर हो या नारी, ब्राह्मण हो या क्षत्रिय, वैश्य हो या हरिजन—समस्त सृष्टि एक ही परमात्मा की रचना है।

उन्होंने जीवन में स्वयं के अवगुणों को त्यागने एवं दूसरों के गुणों को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि इससे ही सब्र, संतोष, प्रेम, नम्रता एवं सहनशीलता का विकास होता है। आगे उन्होंने कहा कि मानव जीवन में संतों का संग और परमात्मा की चर्चा दुर्लभ है, इसलिए जिस उद्देश्य से यह मानव तन मिला है, उसे समय रहते पूर्ण करना चाहिए।

इस इंग्लिश मीडियम समागम में अजमेर जोन क्षेत्र की 16 में से 13 ब्रांचों की उपस्थिति रही। विभिन्न ब्रांचों की साध संगत के बच्चों एवं वक्ताओं ने अंग्रेजी भाषा में गीत, विचार एवं कविताएँ प्रस्तुत कीं, जिनकी समस्त साध संगत ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में ब्रांच मुखी अशोक कुमार रंगवानी ने सभी उपस्थित साध संगत का आभार व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!