जुलाई को नवीन रामद्वारा भवन का भव्य उद्घाटन, तैयारियों को अंतिम रूप


सेवा समिति की विशाल बैठक में बनी विभिन्न समितियां, संतों ने दिया सेवा और सत्संग का संदेश


दीपांकुर चौहान | केकड़ी


केकड़ी में नवीन रामद्वारा भवन के बहुप्रतीक्षित उद्घाटन महोत्सव को ऐतिहासिक एवं सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को रामस्नेही वाटिका में रामद्वारा सेवा समिति की विशाल साधारण सभा आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रामस्नेही संत जगबल्लभराम भंडारी महाराज ने की। इस दौरान 2 जुलाई को होने वाले उद्घाटन समारोह एवं भव्य कलश यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं।



जल, भोजन, सुरक्षा और यातायात के लिए बनी अलग-अलग समितियां
रामद्वारा सेवा समिति के प्रमुख व्यवस्थापक रामगोपाल सैनी ने बताया कि उद्घाटन समारोह को सुव्यवस्थित बनाने के लिए जल व्यवस्था, भोजन, प्रसाद वितरण, कलश पंजीयन, कलश यात्रा मार्ग, सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, स्वागत सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है, ताकि आयोजन अनुशासित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
10 माह में बना भव्य रामद्वारा, सेवा और एकता का परिणाम
बैठक को संबोधित करते हुए पुष्कर से पधारे संत जगबल्लभराम भंडारी महाराज ने केकड़ी की रामद्वारा सेवा समिति की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि समिति की एकता, समर्पण और अटूट विश्वास का ही परिणाम है कि मात्र लगभग 10 माह की अवधि में इतना भव्य एवं विशाल रामद्वारा भवन तैयार होकर उद्घाटन के लिए तैयार हो गया।
उन्होंने कहा कि यह निर्माण केवल भवन नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है।


“सत्संग और सेवा ही सच्चा परोपकार”
अपने प्रेरक उद्बोधन में संत ने कहा कि परोपकार दो प्रकार से किया जाता है—एक सत्संग के माध्यम से और दूसरा निस्वार्थ सेवा के माध्यम से। यदि सत्संग का अवसर न मिले तो सेवा करके भी मनुष्य महान पुण्य अर्जित कर सकता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 250 वर्ष पूर्व रामस्नेही संप्रदाय के संत रामचरण महाराज ने केकड़ी में खारे कुएं के समीप भजन-कीर्तन की साधना की थी, उसी तप और भक्ति के प्रताप से आज इस रामद्वारा का निर्माण संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल पत्थर और चूने से भवन बन जाने से उसकी सार्थकता सिद्ध नहीं होती, बल्कि वहां प्रतिदिन हरिनाम संकीर्तन, सत्संग और साधना होना आवश्यक है। साधना के बिना सब कुछ अधूरा है।
उन्होंने नगरवासियों से नियमित रूप से रामद्वारा पहुंचकर हरिनाम स्मरण एवं सत्संग में भाग लेने का आह्वान किया।

बिजासन माता मंदिर से निकलेगी भव्य कलश यात्रा
रामद्वारा सेवा समिति के व्यवस्थापक आनंदीराम सोमानी ने बताया कि 2 जुलाई को प्रातः 9:15 बजे बिजासन माता मंदिर से भव्य कलश यात्रा प्रारंभ होगी। यात्रा में महिलाएं लाल चुनरी की साड़ी पहनकर सिर पर कलश धारण करेंगी, जबकि पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा एवं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे।
कलश यात्रा बिजासन माता मंदिर से प्रारंभ होकर अजमेरी गेट, घंटाघर, सदर बाजार, खिड़की गेट, लोढ़ा चौक एवं मानक चौक होते हुए नवीन रामद्वारा भवन पहुंचेगी।
आचार्य श्री रामदयालजी महाराज करेंगे लोकार्पण
कलश यात्रा के पश्चात दोपहर 12:15 बजे परम पूज्य पीठाधीश्वर आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के करकमलों से नवीन रामद्वारा भवन का लोकार्पण किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम होंगे।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं श्रद्धालु रहे उपस्थित
बैठक में हीराचंद खूटेटा, राजेंद्र फतेपुरिया, सत्यनारायण मेवाड़ा, महेंद्र प्रधान, पवन राठी, बंशीलाल जांगिड़, ज्ञानप्रकाश राठी, निरंजन तोषनीवाल, दीपक गोयल, विनोद विजयवर्गी, भागचंद पारीक, विष्णु साहू, दशरथ जाट, कैलाश माली, शोभाराम माली, तुलसीराम विजयवर्गी, रमेश नवाल, गुलाब सोमानी, यज्ञनारायण सिंह शक्तावत, धनराज चौधरी, शंकर माली, भगवान साख्य सहित बड़ी संख्या में रामद्वारा सेवा समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना
2 जुलाई को आयोजित होने वाला नवीन रामद्वारा भवन का उद्घाटन समारोह एवं भव्य कलश यात्रा केकड़ी के धार्मिक एवं सामाजिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। समिति के अनुसार कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

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