केकड़ी (अजमेर)। नव सृजित नगरपालिका सावर में सरकारी भूमि के कथित दुरुपयोग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्राम सावर के ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर केकड़ी को ज्ञापन सौंपकर निवर्तमान चेयरमेन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि चेयरमेन द्वारा चारागाह, वन विभाग एवं अन्य सरकारी भूमि पर अवैध कॉलोनियां विकसित कर भूखंडों का बेचान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा है। ज्ञापन में बताया गया कि खसरा नंबर 2185 (1.33 हेक्टेयर), 2191 (0.80 हेक्टेयर) तथा 2192/5736 (0.30 हेक्टेयर) पर करीब 120 प्लॉट काटकर बेच दिए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो तो पूरे प्रकरण का खुलासा हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पूर्व में जनसंपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और जांच लंबित है।
इसके अलावा आरोप लगाया गया कि वन विभाग की करीब 50 बीघा जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर निवास बना लिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब पद का दुरुपयोग करते हुए किया गया है।
चारागाह भूमि के मुद्दे पर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पहले गांव में चारागाह उपलब्ध था, लेकिन नगरपालिका बनने के बाद अब एक भी चारागाह भूमि शेष नहीं रही है, जिससे पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौशाला भूमि को लेकर भी विवाद सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिस जमीन पर गौशाला संचालित थी, वहां बुलडोजर चलाकर कब्जा खाली करवाने का प्रयास किया गया और कॉलोनी काटने की तैयारी थी। हालांकि ग्रामीणों के विरोध के बाद यह कार्रवाई रोक दी गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान खुशी राज, शिवराज, मुकेश, विकास सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
