केकड़ी। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय, केकड़ी में अजमेर संभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. शिवसिंह ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का अवलोकन करते हुए विभागवार कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों तथा रोगियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

समीक्षात्मक बैठक में उन्होंने पंचकर्म, क्षारसूत्र, जलौका थेरेपी, मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना एवं ओ.पी.डी. सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की विशिष्ट उपचार विधियों का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुँचे, इसके लिए सेवा गुणवत्ता, स्वच्छता, समयबद्ध उपचार एवं रिकॉर्ड प्रबंधन में निरंतर सुधार आवश्यक है। साथ ही उन्होंने रोगी संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

इस अवसर पर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, केकड़ी के प्राचार्य डॉ. गिरिराज साहू सहित चिकित्सालय के समस्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, संविदा कर्मचारी एवं नागरिक सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में संस्थान के विकास, जनजागरूकता गतिविधियों तथा आयुष योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इसी क्रम में राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, केकड़ी में राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर से बी.एन.वाई.एस. के नोडल प्रभारी (राजस्थान) डॉ. चंद्रभान शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि निकट भविष्य आयुर्वेद, योग एवं नेचुरोपैथी का है, क्योंकि यह पद्धति केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगोत्पत्ति से पूर्व ही रोगों की रोकथाम करने की अद्वितीय क्षमता रखती उन्होने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे आयुष चिकित्सा पद्धति के वैज्ञानिक आधार, अनुसंधान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दें, ताकि समाज को समग्र एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा सकें।
