केकड़ी।
मेहरुकलाँ सावर स्थित श्री नृसिंह द्वारा मंदिर में दिव्य भला महाकुंभ एवं संत-महापुरुषों के दर्शन के अंतर्गत श्री लक्ष्मी नृसिंह महायज्ञ, भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह विशाल धार्मिक आयोजन 1 फरवरी से 9 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा।

इस पावन आयोजन में यज्ञ कर्ता के रूप में श्री श्री 1008 महंत श्री हरिदास जी महाराज का सानिध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम में देश-प्रदेश के अनेक सिद्ध संत एवं महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

प्रमुख संत-महापुरुषों में
- श्री मज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्री प्रज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर)
- शाकेतावासी प.प. श्री श्री 1008 श्री रामदास जी महाराज
- गोलोकवासी श्री श्री 1008 श्री केशवदास जी महाराज
- महामण्डलेश्वरी श्री श्री 1008 महन्त श्री सीतारामदास जी महाराज
- महन्त श्री बालकदास जी महाराज
- काले कम्बल वाले महाराज
- अमृतानंद गिरि जी महाराज (बर्फानी बाबा) — बर्फ में तपस्या करने वाले सिद्ध संत
- लाल धागे सरकार, भैरू धाम मेहरू खुर्द, सावर (राज.)
- हठयोगी ऊपर हाथ वाले बाबा
🗓️ आयोजन का कार्यक्रम
- 1 फरवरी 2026 (माघ शुक्ल पूर्णिमा)
प्रातः 7:15 बजे कलश यात्रा के साथ आयोजन का शुभारंभ होगा।
दोपहर 3:15 बजे अरणि मंथन द्वारा अग्नि प्रवेश संपन्न होगा।
सायं 6:30 बजे श्रीधाम वृंदावन द्वारा रासलीला महोत्सव आयोजित किया जाएगा। - 2 फरवरी 2026 से 9 फरवरी 2026
प्रतिदिन 7:15 बजे से 1:15 बजे तक श्री लक्ष्मी नृसिंह महायज्ञ संपन्न होगा।
इसी दिन से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन प्रारंभ होगा, जो 9 फरवरी 2026 तक चलेगा।
कथा प्रवक्ता महन्त श्री रामदास जी महाराज (श्रीराम जानकी हनुमान मंदिर, गोरखनाथ, गोरखपुर) होंगे। - 9 फरवरी 2026 (फाल्गुन कृष्ण अष्टमी)
पूर्णाहूति एवं विशाल भंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा।
भंडारा दोपहर 2:00 बजे से आयोजित किया जाएगा।

प्रेस वार्ता-इस अवसर पर श्री श्री 108 महंत श्री हरिदास जी महाराज ने गीत भवन में प्रेस वार्ता की, जिसमें क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं समाज के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता में महंत श्री हरिदास जी महाराज ने आगामी धार्मिक आयोजन की रूपरेखा, कार्यक्रम की महत्ता तथा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी साझा की। उपस्थित लोगों ने आयोजन की भव्यता पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा संत-संग, कथा श्रवण एवं धर्मलाभ के लिए अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
आयोजकों ने क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर संत-संग, कथा श्रवण एवं धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है।
